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जोखिम व अनिश्चितता की स्थती में उपभोक्ता का व्यवहार : स्लटस्की प्रमेय

🔰Graduation Level 1.Theory of consumer behavior under risk and uncertainty, Slutskty’s theorem, ordinary  and compensated demand curve 🔰जोखिम व अनिश्चितता की स्थती में उपभोक्ता का व्यवहार  : स्लटस्की प्रमेय : सामान्य तथा क्षतिपूर्वक मांग वक्र (लेखक महेश रहीसा गुरुकुल कोटपूतली) ➖उपभोक्ता ऐसे अंको का निर्माण करना संभव है जिन्हें परिस्थिति की अनिश्चितता में चयन का अनुमान लगाया गया हो न्यूमैन मोर गैस्टन का NM थ्योरी  से उपभोक्ता व्यवहार की गणना की जाती है ➖ डेनियल बरनोलि के अनुसार " विवेकशील उपभोक्ता जोखिम और अनिश्चितता के अंतर्गत निर्णय लेता है वह प्रत्याशित उपयोगिता के आधार पर लेता है प्रत्याशित उपयोगिता का क्रम रेखीय होता है उपयोगिता का अनुमान बदलता रहता है ➖ प्रो.जॉन वाले न्युमैन एवं ऑर्गेनस्टर्न ने अपनी पुस्तक "The Theory Of Games and Economic Behavior"1947 में यह दर्शाया गया कि उपभोक्ता के लिए ऐसे अंगों का निर्माण करना संभव है जिन्हें अनिश्चित परिस्थितियों में चयन के अनुमान लगाने के लिए प्रयुक्त किया गया जाता है साथ ही यह भी दर्शाया ...

राजस्थान का सामान्य परिचय

राजस्थान का सामान्य परिचय ★महेश रहीसा गुरुकुल कोटपूतली★: https://www.facebook.com/Gurukul-GK-Word-Kotputli-195350767296787/ ★ राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 3,42,239.74 वर्ग कि.मी. या 1,32,140 वर्गमील है। जो कि देश का 10.41प्रतिशत है और क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का देश में प्रथम स्थान है। ★ राजस्थान का क्षेत्रफल 128 देशो से ज्यादा है ★ 1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ का गठन हुआ और उसी दिन से राजस्थान देश का प्रथम राज्य बना। ★:2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,85,48,437 थी जो की देश की जनसंख्या का 5.67 प्रतिशत है। भारत मे 8वा स्थान है π राजस्थान की स्थिति, विस्तार, आकृति, एवं भौतिक स्वरूप ★: भुमध्य रेखा के सापेक्ष राजस्थान उतरी गोलार्द्ध में स्थित है। ★:ग्रीन वीच रेखा के सापेक्ष राजस्थान पुर्वी  गोलार्द्ध में स्थित है। :★ग्रीन वीच व भुमध्य रेखा दोनों के सापेक्ष राजस्थान उतरी पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है। ★:राजस्थान राज्य भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में 23° 3' से 30°12' उत्तरी अक्षांश (विस्तार 7. 9') तथा 69°30' से 78°17' पूर्वी...

केंद्रीय प्रवृत्ति के माप

केंद्रीय प्रवृत्ति के माप

विश्व जनसंख्या दिवस

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#Today स्पेशल विश्व जनसंख्या दिवस /11 जुलाई 🔀आज के समय में भारी मात्रा में बढ़ती आबादी के चलते ग्लोबल वार्मिंग, पोल्युशन और डिफोरस्टेशन जैसी गंभीर समस्या तेज़ी से फ़ैल रही है विश्व जनसँख्या दिवस एक ऐसा दिन है जो की पूरे विश्व में मनाया जाता है 🔀 इस दिन को मनाने का मकसत पूरे विश्व में बढ़ती जनसंख्या के बारे में लोगो को जागरूक करना है यह दिन हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है 🔀इस तारीख में यह पर्व मानने के पीछे भी एक कारण है 11 जुलाई सन 1987 में पूरे विश्व की जनसंख्या बढ़कर पांच अरब हो गई थी तब इस विशेष पर्व को 11 जुलाई को मनाने का फैसला किया गया 🔀इस साल की विश्व जनसंख्या दिवस 2018 थीम है “Family Planning is a Human Right” यानी की “पारिवारिक योजना एक मानव अधिकार है” 🔀 बड़ी चुनौती है जनसंख्‍या अगर आंकड़ों की मानें तो भारत में हर मिनट 25 बच्‍चे पैदा होते हैं. इस आंकड़ें में सिर्फ वो बच्‍चे शामिल हैं जो अस्‍पताल में पैदा होते हैं. इन आंकड़ों में वो बच्‍चे नहीं हैं जो घर में पैदा होते हैं. एक अनुमान के मुताबिक अगर भारत ने अपनी बढ़ती आबादी पर काबू नहीं पाया तो वह आने वाले सालों में...

व्यापारिक बैंक अर्थ औऱ कार्य

🔰 व्यापारिक बैंक अर्थ औऱ कार्य    #गुरुकुल कोटपूतली महेश रहीसा 🔀बैंक सब्द की उत्तपति इटेलियन भाषा के बंको (BANCO) सब्द से हुई 🔀इटली के लोग बेंचो पर बैठकर मुद्रा परिवर्तन का कार्य करते थे कालांतर में जो फ्रांसीसी भाषा के "बैंके"BANK बदलता हुवा अग्रेजी भाषा के 'बैंक' कहा जाने लगा 🔀एक अन्य धारणा के अनुसार बैंक सब्द की व्युत्पत्ति  जर्मन भाषा के 'BANCK'सब्द से हुई जिसका अर्थ 'सम्मिलित स्कंध कोष (Joint Stock Fund) है 🔀आधुनिक बैंकिंग का विकास यूरोप में हुवा बाद में पूरे विश्व में फैल गया 🔰बैंक को परिभाषा फिण्डले सिराज के अनुसार  "बैंकर वह व्यक्ति फर्म या कम्पनी है जिसके पास व्यवसाय के लिए ऐसा स्थान हो  जहा मुद्रा अर्थात करेंसी की जमा द्वारा साख का कार्य किया जाता है ओर जिसकी जमा का ड्राफ्ट, चैक या आर्डर द्वारा भुगतना किया जाता है क्राउथर के अनुसार "बैंक का कार्य अन्य लोगो से ऋण  लेकर बदले में अपना ऋण प्रदान करके मुद्रा का निर्माण करना है" भारतीय बैंकिंग कम्पनीज़ एक्ट (1949) "बैंकिंग से तातपर्य ऋण देने अथवा विनियोजन क...

राजस्थान का अपवाह तंत्र

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🔅राजस्थान का अपवाह तंत्र ★:गुरुकुल कोटपूतली महेश रहीसा:★ ✒नदिया ✒झील ✒अपवाह तन्त्र या प्रवाह प्रणाली (drainage system) किसी नदी तथा उसकी सहायक धाराओं द्वारा निर्मित जल प्रवाह की विशेष व्यवस्था है। ✒ यह एक तरह का जालतन्त्र या नेटवर्क है जिसमें नदियाँ एक दूसरे से मिलकर जल के एक दिशीय प्रवाह का मार्ग बनती हैं। ✒किसी नदी में मिलने वाली सारी सहायक नदियाँ और उस नदी बेसिन के अन्य लक्षण मिलकर उस नदी का अपवाह तन्त्र बनाते हैं 🔅अपवाह तन्त्र के प्रतिरुप ✒अपवाह तन्त्र में नदियों का ज्यामितीय विन्यास और उससे निर्मित पैटर्न या प्रतिरूप को अपवाह प्रतिरूप कहा जाता है।  ये निम्नवत हैं: 📌द्रुमाकृतिक प्रतिरुप या वृक्षाकार 📌आयताकार प्रतिरुप 📌जालीदार प्रतिरुप 📌वलयाकार प्रतिरुप 📌कंटकीय या हुकनुमा प्रतिरुप 📌अपकेन्द्रिय प्रतिरुप 📌अभिकेन्द्रीअरीय प्रतिरुप 📌समान्तर प्रतिरुप 📌अनिश्चित प्रतिरुप 📌भूमिगत प्रतिरुप 📌पूर्ववर्ती प्रतिरुप 📌पूर्णरोपित प्रतिरुप या अध्यारोपित ✒ राजस्थान में अपवाह तंत्र के हिसाब से तीन भागों में बांटा गया है 📌बंगाल की खाड़ी की तरफ प्रवाहित न...

लोकदेवी सीतला माता

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🔰सीतला माता Gurukul Gk word kotputli 🔀राजस्थान में सात दिन में 9 त्यौहार होते है(सात वार नव त्यौहार) 🔀सितलाष्टमी चाकसू(जयपुर)को सील डूंगरी पर मेला भरता है 🔀सीतला माता बच्चों को चेचक से रक्षा करती है इसलिए माता को ठंडा भोज चढ़ाने यहा आते है 🔀चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को सीतलामाता का लखी मेला भरता है 🔀माधोसिंह द्वितीय ने मंदिर को पुनः बनावाया इस मंदिर में अनगढ़ मूर्तियाँ है जिन पर दाने निकले हुए है 🔀मंदिर में 108 सीढ़िया है जिनपर चढ़कर श्रद्धालु जयकारे का उद्घोष करते है 🔀राजस्थान में सीतला माता को साध,सीतला व साधल कहते है 🔀सीतल रखती हैं सीतलामाता 🔀मां शीतला के कोप की कथा इस प्रकार है। कहते हैं कि एक बार किसी गांव में गांववासी शीतला माता की पूजा-अर्चना कर रहे थे तो मां को गांववासियों ने गर्म भोजन प्रसादस्वरूप चढ़ा दिया। शीतला की प्रतिमूर्ति मां भवानी का गर्म भोजन से मुंह जल गया तो वे नाराज हो गईं और उन्होंने कोपदृष्टि से संपूर्ण गांव में आग लगा दी। बस केवल एक बुढ़िया का घर सुरक्षित बचा हुआ था। गांव वालों ने जाकर उस बुढ़िया से घर न जलने के बारे में पूछा तो बुढ़...